ITDC की तिजोरी भर गई! The Ashok होटल ने दिखाया दमदार प्रदर्शन

भारत पर्यटन विकास निगम (ITDC) ने सितंबर तिमाही में ₹16.76 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है, जो सरकारी होटल कारोबार के लिए एक मजबूत संकेत है। 

होटल कारोबार की मजबूती का असली कारण

ITDC का यह प्रदर्शन इसलिए खास है क्योंकि कंपनी लंबे समय से डिसइन्वेस्टमेंट प्रक्रिया में फंसी हुई थी।लेकिन इस तिमाही में कंपनी ने ₹124.17 करोड़ की कुल आमदनी हासिल की, जिसमें The Ashok होटल का योगदान सबसे बड़ा रहा।यह दिखाता है कि सरकारी होटल भी सही रणनीति और ऑपरेशनल दक्षता के साथ प्राइवेट सेक्टर को टक्कर दे सकते हैं।

पिछली तिमाहियों के मुकाबले देखें तो Q4 FY25 में कंपनी ने ₹25.11 करोड़ का मुनाफा कमाया था, जो साल-दर-साल 151.60% की बढ़त थी। FY26 में यह आंकड़ा थोड़ा कम है, लेकिन सितंबर तिमाही आमतौर पर पर्यटन के लिए ऑफ-सीजन होता है। ऐसे में यह परफॉर्मेंस काफी संतोषजनक मानी जा रही है।

The Ashok होटल – प्रॉफिट का पावरहाउस

द अशोक, जो दिल्ली के राजनयिक इलाके में स्थित है, ITDC का फ्लैगशिप प्रॉपर्टी है। इस तिमाही में होटल पर ₹1.75 करोड़ का प्रॉपर्टी टैक्स लायबिलिटी बुक किया गया, जो बताता है कि होटल का ऑपरेशन फुल स्विंग में चल रहा है। पिछले क्वार्टर के आंकड़ों से पता चलता है कि होटल डिवीजन ने अकेले ₹95.68 करोड़ की आमदनी की थी, जो कुल रेवेन्यू का लगभग 64% हिस्सा है।

यह इसलिए मायने रखता है क्योंकि प्राइवेट होटल चेन्स जैसे इंडियन होटल्स और EIH के मुकाबले ITDC की मार्केट पोजिशनिंग कमजोर थी। लेकिन अब कंपनी heritage होटल्स के प्रीमियम सेगमेंट में अपनी पहचान बना रही है।

डिसइन्वेस्टमेंट प्रक्रिया में तेजी – निवेशकों के लिए सिग्नल

सरकार ने ITDC में 5% paid-up equity की disinvestment को मंजूरी दे रखी है। कंपनी के पांच होटल – होटल पाटलिपुत्र अशोक, होटल भरतपुर अशोक, कोसी प्रॉपर्टी, डोनी पोलो अशोक और पांडिचेरी अशोक – disinvestment की लिस्ट में हैं।

लेकिन यहां ट्विस्ट यह है कि सरकार outright sale नहीं, बल्कि management contract के आधार पर इन्हें सौंपने की योजना बना रही है। यानी ITDC की ownership बनी रहेगी, लेकिन ऑपरेशन private players संभालेंगे। यह मॉडल निवेशकों के लिए एक बैलेंस्ड अप्रोच है – न तो पूरा कंट्रोल खोना, न ही operational burden उठाना।

तो क्या मतलब निकला?

ITDC के Q2 नतीजे साबित करते हैं कि सरकारी कंपनियां सही दिशा में काम करें तो मुनाफा कमा सकती हैं।खासकर hospitality सेक्टर में, जहां Indian Hotels जैसी बड़ी कंपनियां ₹2,040 करोड़ का रेवेन्यू निकाल रही हैं, वहीं ITDC जैसी छोटी यूनिट भी अपनी जगह बना रही है।

निवेशकों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि disinvestment प्रक्रिया से कंपनी के balance sheet में सुधार आएगा। अगर private players management संभालते हैं तो operational efficiency और बढ़ेगी, जिससे आने वाले quarters में और बेहतर रिटर्न मिल सकता है।

इसके अलावा, भारत में tourism sector तेजी से ग्रोथ कर रहा है। G20 presidency और international events के चलते heritage hotels की demand बढ़ी है। ITDC की strategic location वाली properties इस ट्रेंड का फायदा उठा सकती हैं।

निष्कर्ष: ITDC का Q2 परफॉर्मेंस दिखाता है कि सरकारी होटल बिजनेस में दम है। The Ashok की मजबूती और disinvestment की स्मार्ट strategy मिलकर कंपनी को अगले level पर ले जा सकती हैं। निवेशकों को इस स्टॉक पर नजर रखनी चाहिए, खासकर अगर disinvestment सफलतापूर्वक complete होती है।

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References:

  1. NSE Archives – ITDC Q2 FY26 Property Tax Disclosure (Nov 11, 2025)

 

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