पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 का पहला अंतरिम डिविडेंड घोषित करते हुए अपने शेयरधारकों को बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने 8 नवंबर को आयोजित बोर्ड मीटिंग में प्रति इक्विटी शेयर ₹1.75 का डिविडेंड देने का फैसला किया है, जो निवेशकों के लिए एक सुखद खबर साबित हो रही है।
रिकॉर्ड डेट और पेमेंट टाइमलाइन
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना में स्पष्ट किया है कि इस डिविडेंड के लिए 13 नवंबर 2025 को रिकॉर्ड डेट निर्धारित की गई है। इसका मतलब यह है कि जो भी निवेशक 13 नवंबर को कंपनी के रजिस्टर में शेयरधारक के तौर पर दर्ज होंगे, वे ही इस डिविडेंड के पात्र होंगे। भारत में T+1 सेटलमेंट साइकिल को देखते हुए, रिकॉर्ड डेट पर खरीदे गए शेयर डिविडेंड के लिए योग्य नहीं माने जाएंगे, इसलिए निवेशकों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
कंपनी के अनुसार, यह डिविडेंड योग्य शेयरधारकों को 7 दिसंबर 2025 या उससे पहले ट्रांसफर कर दिया जाएगा। बीएसई के शेयरहोल्डिंग पैटर्न डेटा के आधार पर, पतंजलि फूड्स लगभग ₹59.36 करोड़ की राशि इस अंतरिम डिविडेंड के रूप में वितरित करेगी।
डिविडेंड की खास बातें
यह डिविडेंड ₹2 के फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर दिया जा रहा है, जो फेस वैल्यू का लगभग 87.5% है। मौजूदा शेयर प्राइस ₹579 (8 नवंबर को क्लोजिंग) को देखते हुए, यह डिविडेंड यील्ड लगभग 0.30% बैठती है। हालांकि यह प्रतिशत छोटा लग सकता है, लेकिन यह कंपनी की लगातार शेयरधारकों को रिवॉर्ड करने की कमिटमेंट को दर्शाता है।
FMCG सेक्टर की इस प्रमुख कंपनी ने हाल के तिमाही नतीजों में भी शानदार परफॉर्मेंस दिखाई थी। कंपनी का कुल रेवेन्यू 21% बढ़कर ₹9,798.84 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि एडिबल ऑयल बिजनेस – जो कुल बिजनेस का लगभग 70% हिस्सा है – में 17.2% की वृद्धि दर्ज की गई और यह ₹6,971.64 करोड़ तक पहुंच गया।
मार्केट परफॉर्मेंस और निवेशकों की प्रतिक्रिया
पतंजलि फूड्स का शेयर 8 नवंबर को बीएसई पर 0.96% की मजबूती के साथ ₹579 प्रति शेयर पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹62,985.26 करोड़ है, जो इसे भारतीय FMCG सेक्टर में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाता है। 52-वीक के आधार पर देखें तो स्टॉक ने 14 अप्रैल 2025 को ₹670 का हाई टच किया था, जबकि 28 फरवरी 2025 को ₹522.81 का लो बनाया था।
हालांकि पिछले एक हफ्ते में स्टॉक में लगभग 3.9% की गिरावट आई है और तीन महीने में करीब 4.46% का नुकसान हुआ है, लेकिन कंपनी की मजबूत फंडामेंटल्स और लगातार डिविडेंड देने की क्षमता निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 13.17% है, जो FMCG सेक्टर में अच्छा माना जाता है।
पतंजलि फूड्स की ग्रोथ स्टोरी
योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की कंपनी पतंजलि फूड्स भारत के FMCG मार्केट में तेजी से अपनी जगह बना रही है। कंपनी के सीईओ संजीव अस्थाना का कहना है कि FMCG बिजनेस की ग्रोथ ट्रेजेक्टरी बेहद उत्साहवर्धक है और रेवेन्यू ग्रोथ की यह रफ्तार आने वाले समय में भी जारी रहेगी। बिस्कुट, न्यूट्रास्यूटिकल, फूड प्रोडक्ट्स और सोया प्रोटीन बिजनेस में खासतौर पर तेज विकास देखा जा रहा है।
कंपनी ने हाल में ही कुछ एडिबल ऑयल्स की कीमतों में कटौती की है, जिसमें घी भी शामिल है, ताकि जीएसटी कटौती का फायदा सीधे ग्राहकों तक पहुंचाया जा सके। इस तरह के कदम कंपनी की ग्राहक-केंद्रित सोच को दर्शाते हैं और ब्रांड लॉयल्टी बढ़ाने में मदद करते हैं।
निवेशकों के लिए अहम बातें
अगर आप पतंजलि फूड्स के मौजूदा शेयरधारक हैं, तो आपको कुछ भी करने की जरूरत नहीं है – डिविडेंड अपने आप आपके अकाउंट में क्रेडिट हो जाएगा। लेकिन अगर आप इस डिविडेंड का लाभ उठाना चाहते हैं और अभी तक शेयर नहीं खरीदे हैं, तो 12 नवंबर तक शेयर खरीद लेना जरूरी है क्योंकि T+1 सेटलमेंट के चलते 13 नवंबर को खरीदे गए शेयर रिकॉर्ड डेट के लिए योग्य नहीं होंगे।
हालांकि यह ध्यान रखें कि सिर्फ डिविडेंड के लिए शेयर खरीदना हमेशा सही स्ट्रेटजी नहीं होती। कंपनी के फंडामेंटल्स, ग्रोथ प्रॉस्पेक्ट्स और वैल्यूएशन को ध्यान में रखते हुए ही निवेश का फैसला लेना चाहिए। पतंजलि फूड्स की स्थिति में, कंपनी की मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और FMCG सेक्टर में बढ़ती हुई मार्केट शेयर इसे एक इंटरेस्टिंग लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट ऑप्शन बनाती है।