Market100x | 16 नवंबर 2025 | Economy News
- FY26 का inflation projection: Reserve Bank of India ने पूरे वित्त वर्ष के लिए retail inflation को 2.6% आंका है, जो अगस्त में किए गए 3.1% के पूर्वानुमान से काफी कम है।
- Q4 FY26 में उछाल: चौथी तिमाही में CPI inflation 4.0% तक पहुंच सकती है, base effect के कारण।
- FY27 की चिंता: Q1 FY27 में inflation 4.5% तक जा सकती है, जो चिंता का विषय है।
CareEdge Ratings की रिपोर्ट के अनुसार, FY26 के लिए average inflation 2.1% रहने की उम्मीद है, जो subdued food inflation और contained demand pressures की वजह से है। अक्टूबर 2025 में retail inflation 13 साल के निचले स्तर 0.25% पर आ गया था, जो एक बड़ी राहत थी।
इस सकारात्मक स्थिति के पीछे कई कारण हैं। पहला, साउथ-वेस्ट मॉनसून की अच्छी प्रगति हुई है, जिससे खरीफ की फसलों की बुवाई में वृद्धि हुई है। दूसरा, सरकार के पास foodgrains का पर्याप्त buffer stock है, जो किसी भी अचानक price spike को रोकने में मदद करेगा। तीसरा, GST rate cuts ने भी consumer basket में कई items की कीमतें कम करने में योगदान दिया है।
हालांकि, experts का कहना है कि यह राहत temporary हो सकती है। ICICI Bank के economists ने स्पष्ट किया है कि “Higher rainfall और sowing H2 FY26 के outlook के लिए अच्छे हैं, लेकिन adverse base अगले साल food inflation को ऊपर धकेल सकता है।” Base effect का मतलब है कि पिछले साल की तुलना में अगर prices काफी कम थे, तो अगले साल inflation automatically ज्यादा दिख सकती है, भले ही actual prices में बहुत बदलाव न हो।
Monetary policy के नजरिए से, अगर H2 FY26 में growth कमजोर होती है, तो latest inflation readings RBI को rate cut का मौका दे सकती हैं। यह borrowers के लिए अच्छी खबर होगी, क्योंकि EMI में कमी आ सकती है।
Wholesale inflation भी अच्छी खबर दे रही है। अक्टूबर में WPI दो साल से ज्यादा के निचले स्तर पर पहुंच गई, primary food articles में तेज गिरावट के कारण। Vegetable prices steady supply और favourable weather की वजह से नियंत्रण में रहीं, जबकि cereals, pulses, spices और fruits में भी decline देखी गई।
निष्कर्ष: अगले 3-6 महीने भारतीय consumers के लिए महंगाई के मोर्चे पर राहत भरे रह सकते हैं, लेकिन FY27 की planning करते समय सावधानी बरतनी होगी। Geopolitical tensions, crude oil price risks और trade disruptions जैसे external factors भी inflation को प्रभावित कर सकते हैं। Investors और policymakers दोनों को इन trends पर नजर रखनी होगी।